What is Accounting (अकाउंटिंग क्या है ?)

Tally Erp9 एंड tally Prime transections Allowed in a Linear Line Yards Enterprise Resource टैली एक एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है जिसके माध्यम से हम अपने बिजनेश को आसानी से हम समझ सकते है तथा हम tally सिख करके किसी बिजनेस को समझ सकते है तथा हम किसी विशेष अवधि में किसी विशेष date की जानकारी प्राप्त कर सकते है tally प्राइम tally erp9 और बहोत से सॉफ्टवेयर है जिसके माध्यम से हम अपने कम को आसान बना सकते है इसके अंतर्गत आप tally में कम करना सीखेंगे हम आपको सिखायेगे क्या आप सिखने के लिए तैयार है हम इस वेबसाइट के माध्यम से tally के सभी जानकारी के बाते में जानेंगे हम कैसे अपने कम को आसन बना सकते है ये भी जानेगे चलो तो देखते है tally से लाभ I

tally का अविष्कार 1988 में श्री श्याम सुन्दर गोयनका और उनके बेटे भरत गोयनका द्वारा किया गया है इस लिए tally का जनक father Of tally) श्री श्याम सुन्दर गोयनका को कहा जाता है tally का मुख्या कार्यालय Head Quarters Of Tally Solution Pvt. Ltd. बेंगलुरु कर्नाटक में है

अकाउंटिंग क्या है ?

What is Accounting (अकाउंटिंग क्या है ?)

Accounting

आधुनिक व्यवसाय का आकार इतना विस्तृत हो गया है कि इसमें सैकड़ों, सहस्त्रों व अरबों व्यावसायिक लेनदेन होते रहते हैं। इन लेन देनों के ब्यौरे को याद रखकर व्यावसायिक उपक्रम का संचालन करना असम्भव है। अतः इन लेनदेनों का क्रमबद्ध अभिलेख (records) रखे जाते हैं उनके क्रमबद्ध ज्ञान व प्रयोग-कला को ही लेखाशास्त्र कहते हैं। लेखाशास्त्र के व्यावहारिक रूप को लेखांकन कह सकते हैं। अमेरिकन इन्स्ट्टीयूट ऑफ सर्टिफाइड पब्लिक अकाउन्टैन्ट्स (AICPA) की लेखांकन शब्दावली, बुलेटिन के अनुसार ‘‘लेखांकन उन व्यवहारों और घटनाओं को, जो कि कम से कम अंशतः वित्तीय प्रकृति के है, मुद्रा के रूप में प्रभावपूर्ण तरीके से लिखने, वर्गीकृत करने तथा सारांश निकालने एवं उनके परिणामों की व्याख्या करने की कला है।’’

इस परिभाषा के अनुसार लेखांकन एक कला है, विज्ञान नहीं। इस कला का उपयोग वित्तीय प्रकृति के मुद्रा में मापनीय व्यवहारों और घटनाओं के अभिलेखन, वर्गीकरण, संक्षेपण और निर्वचन के लिए किया जाता है।

किसी व्यवसाय के वित्तीय लेनदेन का लेखा-जोखा रखने, उसका सारांश प्रस्तुत करने, रिपोर्टिंग तथा विश्लेषण करने की कला को ही एकाउंटिंग कहा जाता है। एकाउंटिंग का कार्यभार संभालने वाले व्यक्ति को एक अकाउंटेंट के रूप में जाना जाता है तथा अकाउंटेंट की भूमिका किसी रिकॉर्ड-कीपर के समान ही होती है। हालांकि, एकाउंटिंग को अब प्रबंधन का एक ऐसा उपकरण माना जाता है जो संगठन के भविष्य के विषय में महत्वर्पूण जानकारी देता है।

स्मिथ एवं एशबर्न ने उपर्युक्त परिभाषा को कुछ सुधार के साथ प्रस्तुत किया है। उनके अनुसार ‘लेखांकन मुख्यतः वित्तीय प्रकृति के व्यावसायिक लेनदेनों और घटनाओं के अभिलेखन तथा वर्गीकरण का विज्ञान है और उन लेनदेनें और घटनाओं का महत्वपूर्ण सारांश बनाने, विश्लेषण तथा व्याख्या करने और परिणामों को उन व्यक्तियों को सम्प्रेषित करने की कला है, जिन्हें निर्णय लेने हैं।’ इस परिभाषा के अनुसार लेखांकन विज्ञान और कला दोनों ही है। किन्तु यह एक पूर्ण निश्चित विज्ञान न होकर लगभग पूर्ण विज्ञान है।

टैली की विशेषताएँ और लाभ

टैली की विशेषताएँ और लाभ (Features and Advantages of Tally)

Features of Tally (टैली की विशेषताएँ)

प्रतिस्पर्धा और बढते व्यवसाय की इस दुनिया में जहाँ टैली ने सभी सीमाओं को पार कर लिया है वहीं यह एक ऐसा सर्वश्रेष्ठ, विश्वसनीय, तीव्रतम अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बन गया है जो व्यवसाय की जटिलता अकाउंटिंग आवश्यकताओं की पूर्ति करता है। टैली एक ऐसा सर्वाधिक शक्तिशाली, बहुभाषी और बिजनेस अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है जो विभिन्न अकाउंटिंग स्टॉक और अन्य सर्वाधिक रिपोर्ट्स को एक ही बटन के क्लिक पर रिकॉर्ड करते हुए पब्लिश करने में सहायता प्रदान करता है। इस अनोखे अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में निहित विभिन्न फीचर्स और इसके लाभ निम्नानुसार हैं।

  1. टैली का उपयोग करना अत्यंत सरल है क्योंकि इसे त्वरित्त (तुरंत) डेटा एंट्री और पलक झपकने की गति से अकाउंटिंग संबंधी जानकारी प्राप्त करने में सक्षम बनाया गया है।
  2. यह user द्वारा Selected language में अकाउंटिंग रिकार्डस को रिकॉर्ड करने, उन्हें देखने और उत्पन्न करने में सक्षम बनाता है। यह टैली के महत्वपूर्ण फीचर्स में से एक है।
  3. यह 99999 कंपनीज का रिकार्ड एक साथ सुरक्षित रखने की अनुमति प्रदान करता है।
  4. टैली के प्रमुख फीचर्स में से एक यह है कि यह उन कंपनीज के लिये रिपोर्ट्स क्रिएट करने में सक्षम बनाता है जहाँ पर एक से अधिकलोकेशन्स के अकाउट्स का प्रबंधन किया जाता है।
  5. टैली द्वारा एक से अधिक विस्तृत डेटा को समतुल्य और अपडेट किया जाता है।
  6. टैली द्वारा कलेक्शन रिमाइंडर्स दिया जाना सुनिश्चित करते हुये बेहतर नकदी प्रवाह में सहायता की जाती है जो ब्याज की बचत में भी सहायक होता है।
  7. टैली भुगतान के मामले में खराब डेबिटर्स और बकाएदारों की पहचान करने में सक्षम बनाता है।
  8. टैली हमें कंपनी की उस इनवेटरी के प्रबंधन में सहायता प्रदान करता है जो प्रोडक्ट अनुसार इनवेटरी लेवल ज्ञात करने में सक्षम होती है तथा यूजर द्वारा तय स्तर पर विभिन्न प्रोडक्ट्स के लिये रीआर्डर लेवल ज्ञात करने में भी सक्षम होती है।
  9. टैली के फीचर्स में प्रोडक्ट अनुसार तथा इनवॉइस अनुसार लाभदेयता विश्लेषण (cost benefit analysis) तैयार करना भी शामिल है।
  10. टैली के उपयोगी लाभों में से एक यह है कि यह हमें एकाधिक अवधियों के लिये परफॉर्मेंस लेवल्स को समझने तथा विश्लेषित करने में सक्षम बनाता है। यह हमें कस्टमर बाइंग पैटर्न समझने में सक्षम बनाता है।
  11. यह स्टॉक की ट्रेकिंग (निगरानी) में सक्षम है ।
  12. यह हमें एक से अधिक वेयरहाउस लोकेशन पर निगरानी करने में सक्षम बनाता है जिससे हमें कंडीशन के आधार पर निर्णय लेने में सुविधा होती है ।
  13. टैली विभिन्न अकाउंटिंग अनुपातों की गणना करने में सक्षम है जो कार्य-निष्पादन की निगरानी करने में सहायता करते है और शीर्घ एवं सही निर्णय लेने में सक्षम बनाते है।
  14. यह हमें लागत और लाभ केद्र का विश्लेषण (cost center analysis) करने में सक्षम बनाता है। यह टैली के सबसे उपयागी फीचर्स मे से एक है ।

टैली से लाभ (Advantages of Tally)

Data reliability and security (डेटा विश्वसनीयता और सुरक्षा): टैली में, इंटर डेटा विश्वसनीय और सुरक्षित होता है। सॉफ्टवेयर में इंटर किए जाने के बाद डेटा इंटर करने की कोई गुंजाइश नहीं है।

Payroll management (पेरोल प्रबंधन): कर्मचारियों को वेतन का वितरण करते समय कई गणनाएं करने की आवश्यकता होती है। टैली का उपयोग कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए किया जाता है जिसमें शुद्ध कटौती, शुद्ध भुगतान, बोनस और कर शामिल हैं।

Management in the banking sector (बैंकिंग क्षेत्र में प्रबंधन): बैंक विभिन्न यूजर एकाउंट्स का प्रबंधन करने के लिए टैली का उपयोग करते हैं, और जमा पर ब्याज की गणना भी करते हैं। Tally Support में गणना करना आसान होता है और बैंकिंग को सरल बनाता है। टैली सपोर्ट गणना को आसान और बैंकिंग को सरल बना सकता है।

Regulation of data across geographical locations (भौगोलिक स्थानों पर डेटा का विनियमन): विश्व स्तर पर किसी संगठन के डेटा को मैनेज करने के लिए टैली सॉफ़्टवेयर का उपयोग किया जाता है। टैली कंपनी की सभी शाखाओं को एक साथ ला सकती है और बड़े पैमाने पर इसके लिए सामान्य गणना कर सकती है। इसलिए कोई फर्क नहीं पड़ता कि किस स्थान पर कंपनी के कर्मचारी की पहुंच है| कर्मचारी कही भी बैठ कर टैली को मैनेज कर सकता है|

Ease of maintaining a budget (बजट बनाए रखने में आसानी): बजट को बनाए रखने के लिए टैली का उपयोग किया जाता है। टैली का उपयोग कंपनियों को कुल बजट को ध्यान में रखकर काम करने और खर्चों को मैनेज करने में मदद करने के लिए किया जाता है|

Simple tax returns filing (सरल कर रिटर्न फाइलिंग): कर जीएसटी का उपयोग यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि कंपनी सभी जीएसटी मानदंडों का अनुपालन करती है। टैक्स जीएसटी सभी छोटे व्यवसायों के लिए service tax returns, excise tax, VAT filing, TDS return, and profit and loss statement का ख्याल रखता है।

Audit tool for compliance (अनुपालन के लिए ऑडिट टूल): यह ऑडिट टूल के रूप में कार्य करता है। इसका इस्तेमाल कंपनियों के नियमित ऑडिट करने के लिए किया जाता है। यह वित्तीय वर्ष की शुरुआत की पूरी तरह से अनुपालन जांच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि सभी मौद्रिक लेनदेन सुचारू रूप से किए जा रहे हैं।

Remote Access of Data (डेटा का रिमोट एक्सेस): टैली में, कर्मचारी यूनिक यूजर आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके वित्तीय डेटा तक पहुंच सकते हैं। डेटा की लॉगिंग और पहुंच किसी के कार्यालय या घर पर आराम से बैठकर की जा सकती है।

Quick Access to Documents (डॉक्यूमेंट तक पहुंच): टैली अपने स्टोर फ़ोल्डर में सभी चालान, रसीदें, बिल, वाउचर सुरक्षित रख सकता है। टैली का उपयोग करके, हम पहले से स्टोर डाक्यूमेंट्स में से किसी का भी उपयोग कर सकते हैं। हम बिलिंग संबंधी सभी फाइलों को तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।

टैली में विभिन्न लेजर और उनके ग्रुप्स

Accounting Groups एक ही प्रकार के या एक ही स्वभाव के लेजर्स का एक संग्रह (Collection) होता है। इन groups की सहायता से ही Tally को यह जानकारी मिलती है कि बनाया जा रहा लेजर Expense का लेजर है, Income का लेजर है, Assets का लेजर है या Liabilities का लेजर है।

Groups की सहायता से ही टैली को यह जानकारी मिलती है कि लेजर को व्यापार खाते (Trading Account) में लेना है या लाभ हानि खाते (Profit & Loss Account) में लेना है या फिर Balance Sheet में लेना है। टैली में 28 groups होते हैं, इनमें से 15 groups primary होते हैं और 13 groups इन primary groups के sub groups होते हैं। आवश्यकतानुसार आप और भी groups बना सकते हैं

विभिन्न लेजर और उनके समूहों की सूची

Group NameLedger Name
Purchase AccountsAll types of Purchase Accounts like
Purchase Local 12 %
Purchase Interstate 12%
Purchase Local 0%
Purchase Interstate 0%
Purchase (Composition)
Purchase Exempt (Unregistered Dealer)
Purchase Local (Exempt Registered)
Purchase Taxable (Unregistered Dealer)
Purchase Nil Rated (Unregistered Dealer)
Purchase Reverse Charge
Purchase Import Taxable 12%
Purchase Import Exempt
Purchase Import Nil Rated
Purchase (Own Branch)
Purchase Return
Sales AccountAll types of Sales Accounts like
Sales Local 12 % (Registered)
Sales Interstate 12%
Sales Local Nil Rated
Sales Interstate Nil Rated
Salers Export With Bond
Salers Export Taxable
Export (0%)
Sales Local (Exempt Registered)
Sale To Consumer (Taxable 12%)
Sale To Consumer (0%)
Sale To Consumer (Exempt)
Sales (Own Branch)
Sale Return
Duties and TaxesAll types of Taxes like
INPUT CGST SGST IGST CESS
OUTPUT GST SGST IGST CESS
Excise Duty Payable etc
Service Tax Payable
TDS Payables
Input Vat Accounts
Output Vat Accounts
Cenvat Accounts
Sale tax
Income Tax
VAT Payable
Direct Expenses OR Expenses(Direct)All expenses which appear in Trading Account (except purchases) like
Labor
Power
Electricity Expense (Factory)
Loading Unloading Expense
Warehousing Expenses
Custom Clearing Charges
Carriage
Freight & Cartage
Import duty
Wages
Coal & Fuel
Coal, Gas & Water of Factory
Consumed Material
Export Duty
Wages on Production
Delivery Charges(In Purchase Bill
Indirect Expenses OR Expense(Indirect)All Indirect Expenses like
Rounded Off
Salary
Advertisement Expense
Maintenance Expense
Rent Expense
Director Remuneration Expense
Bad Debts
Printing Expense
Stationary Expense
Foreign Exchange fluctuation
Audit Fees
Professional Charges
Legal Expenses/Charges
Depreciation Expenses
Interest Expense
Penalty
Royalty
Bank charges
Commission allowed
Discount allowed
Donation & charity
Free sample
Insurance premium
Interest on loan
Legal charge
Loss by fire
Postage & courier
Repair charge
Taxi fare
Telephone charge
Travelling expenses
Outstanding expenses
Accrued expenses
Bad debt
Loss on theft
depreciation
Coffee Expenses
Coke Expenses
Manager’s Commission
UPTT
Fuel Expenses A/c
Liability of Expenses
Preliminary Expenses A/c
Professional Fees
Indirect Income OR Income(Indirect)All Indirect Income like
Discount Received
Interest on Investment
Already Created in TallyOnly 2 Accounts Already Created like
Cash
Profit and Loss Account
Bank AccountAll Bank Current Account
All Bank FD Account
(Personal Savings Account and FD not recorded)
Deposit AccountAll types of deposits like
Security Deposit
Electricity Deposit
Rent Deposit
Capital A/cAll types of Capital Account like
Share Capital
Partner Capital Account
Partner Current Account
Proprietor Account
Drawings
Life insurance
Equity Capital A/c
Partners Capital A/c
Current AssetsPrepaid Maintenance Expense
Prepaid Expense
Prepaid Rent
Prepaid Insurance Charges
Interest Receivables
Bill receivable
Accrued income
Mutual Fund
CGST SGST IGST Credit
Current LiabilitiesBill drawn
Bill Payable
CGST SGST IGST Payable
Sundry CreditorAny Party from Whom Goods Purchased
Party from Whom any Bill of Expense Received
Loans and Advances (Assets)Any Party to whom we gave loan
like Loan Given to Friends Relatives/Related Companies
Any Party to whom we gave Advance
like Advance to Supplier
Loans LiabilitiesAny Party from whom we take loan.
We can also put group Secured loan or Unsecured loan
Debenture A/c
Loans From Bank
Loans From Outside Party
Loans From Aravind(Friend)
Fixed AssetsAll Fixed Assets on which Depreciation charged like
Furniture
Machine
Plant and Machinery
Mobile
Computers
Furniture and Fittings
Car
Scooter
Laptops
Office lighting
Land & Building
Good will
Factory lighting
Air Conditioner
Accumulated depreciation
Bank OCCCash Credit Limit (CC)
taken from bank
Bank ODOverdraft Limit (OD)
taken from bank
Branch/DivisionsAny Branch whose Separate Accounting Done
(If branch account maintained by head office only, then this account not required)
Delhi Branch
Branch in division
Cash in HandImprest Account
(Cash kept with Employee)
Petty Cash
InvestmentsAll types of Investments like
Investment in Shares
Investment in Bonds
Investment in Property/Plot etc.
Long term investment
Short Term Investment
Stock-in-handStock
Closing Stock
Consignment Stock
Opening Stock
Misc. Expense (ASSET)Preliminary Expenses
NOT yet written off
Suspense A/cSuspense Account
Any payment or receipt from party whose name not known
Suspense
Secured LoanLoans for whom Security Given
like loan from bank/ Financial Institution
Unsecured LoanLoans taken for whom no Security given
Like Short term loan from directors
or loan from friends /relatives
Reserve & SurplusAny type of reserve like
General Reserve
Capital Reserve
Capital Reserve A/c
Investment Allowance Reserve A/c
Share Premium A/c
Reverse and Surplus
ProvisionsAll Provisions except Provisions for bad debts
Provision for Tax
Provision for Expense
Provision for Sinking Fund
All types of Payables like Salary Payable, Audit fees Payable,
Sundry DebtorsAny Party to Whom Sales Made
Provision for Bad Debts
Retained EarringGeneral Reserve
Share Premium
Any other Reserve
Direct Incomes OR Income(Direct)Any Income from main service like
Freight Charges Income
Delivery Charges Income
Transpiration Charges Income
Professional Charges Income
Consultancy Charges Income
Maintenance Service Income

List of different ledgers and their groups

Ledger NameTally Head
Sale ReturnSales
SaleSales
Purchase ReturnPurchase
PurchasePurchase
CarriageDirect Expenses
Freight & CartageDirect Expenses
Import dutyDirect Expenses
Rent (Dr)Direct Expenses
RoyaltyDirect Expenses
WagesDirect Expenses

List of Tally Ledgers for Profit & Loss Account

Ledger nameTally Head
AdvertisementIndirect Expenses
Bank chargesIndirect Expenses
Bill drawnIndirect Expenses
CarriageIndirect Expenses
Commission allowedIndirect Expenses
Discount allowedIndirect Expenses
Donation & charityIndirect Expenses
Free sampleIndirect Expenses
Insurance premiumIndirect Expenses
Interest on loanIndirect Expenses
Legal chargeIndirect Expenses
Loss by fireIndirect Expenses
Office lightingIndirect Expenses
Petty cashierIndirect Expenses
Postage & courierIndirect Expenses
Printing & stationeryIndirect Expenses
Rent (cr)Indirect Expenses
Repair chargeIndirect Expenses
SalaryIndirect Expenses
Sale taxIndirect Expenses
Taxi fireIndirect Expenses
Telephone chargeIndirect Expenses
Trade accountIndirect Expenses
Travelling expensesIndirect Expenses
SuspenseSuspense
Miscellaneous exp.Miscellaneous exp.
DepreciationIndirect Expenses
Commission ReceivedIndirect Income
Bed Debts RecoveredIndirect Income
Interest on DrawingIndirect Income
Discount ReceivedIndirect Income
Interest on InvestmentIndirect Income

List of Tally Ledgers for Balance Sheet

Ledger NameTally HeadLedger HameTally Head
CapitalCapitalFurnitureFixed asset
DrawingCapitalGoodsFixed asset
Income TaxCapitalLand & BuildingFixed asset
Life insuranceCapitalLong term investmentFixed asset
Reserves & SurplusReserves & SurplusMachinary & plantFixed asset
AdvanceCurrent LibilitiesBankCash at bank
Bank OverdraftCurrent LibilitiesCashCash in hand
Bill PayableCurrent LibilitiesStockStock in Hand
Outstanding expensesCurrent LibilitiesDebitor nameSundry Debtors
Salary payableCurrent LibilitiesBad debitorSundry Debtors
Creditor nameSundry CreditorsBill receivableCurrent Assets
LoanLoan LiabilitiesGood willCurrent Assets
Branch in divisionBranch in divisionNational plantCurrent Assets
Accrued expensesCurrent LibilitiesPrepaid expensesCurrent Assets
Short Term InvestmentCurrent Assets
Accrued incomeCurrent Assets
Prepaid rentMisc. Exp.- asset
Loss on theftStock in Hand

GST क्या है? टैली में GST को कैसे Activate करें|
GST क्या है? टैली में GST को कैसे Activate करें|
(What is GST? How to Activate GST in Tally)
GST क्या है? (What is GST?)
GST को Goods and Services Tax के रूप में जाना जाता है। यह एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है भारत में कई अप्रत्यक्ष कर है जैसे कि उत्पाद शुल्क, वैट, सेवा कर, आदि। Goods and Service Tax अधिनियम 29 मार्च 2017 को संसद में पारित किया गया था और 1 जुलाई 2017 को लागू हुआ।

दूसरे शब्दों में, Goods and Services Tax (GST) माल और सेवाओं की आपूर्ति पर लगाया जाता है। भारत में वस्तु एवं सेवा कर कानून एक व्यापक, बहु-स्तरीय कर है जो हर मूल्यवर्धन चीज पर लगाया जाता है। GST पूरे देश के लिए सिंगल घरेलू अप्रत्यक्ष कर कानून है।
भारत में 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी की निम्नलिखित कर दरें लागू है:
कुछ खाद्य पदार्थों, पुस्तकों, समाचार पत्रों, होमस्पून सूती कपड़े और होटल सेवाओं पर 0% कर की दर लागू होती है।
चीनी, मसाले, चाय और कॉफी जैसी घरेलू ज़रूरतों पर 5% कर।
कंप्यूटर पर 12% कर।
हेयर ऑयल, टूथपेस्ट, साबुन पर 18% कर।
रेफ्रिजरेटर, सिरेमिक टाइल, सिगरेट, कार और मोटरसाइकिल सहित लक्जरी उत्पादों पर 28% की दर से कर लागू होता है।
टैली में GST को कैसे Activate करें|(How to Activate GST in Tally)
GST अर्थात गुड्स एंड सर्विस टैक्स जो किसी माल की खरीदी या बिक्री पर लगाया जाने वाला टैक्स है और यह टैक्स कुछ प्रतिशत के रूप में लगाया जाता है जैसे 5%, 12%, 18% और 28% आदि और आप क्या खरीद या बेच रहे हैं इसके ऊपर भी निर्भर करेगा की कितना प्रतिशत टैक्स लगेगा जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम पर 18% GST लगया जाता है |
टैली में, GST सुविधाओं का उपयोग करने के लिए, GST को active या enable करना अनिवार्य है। टैली में GST को Activate करने के लिए, निम्नलिखित चरणों का पालन करें-
चरण 1: सबसे पहले F11 key प्रेस करें या gateway of tally के तहत Features पर क्लिक करें|


चरण 2: इसके बाद Statutory & Taxation पर क्लिक करें F3 फ़ंक्शन कुंजी प्रेस करें|

चरण 3: अगली स्क्रीन पर निम्नलिखित विवरण इंटर करें-
Enable goods and service tax: Specify ‘Yes’.
Set/alter GST details: Specify ‘Yes’.

चरण 4: Set/alter GST details को Yes करने पर निम्न स्क्रीन दिखाई देगी।

चरण 5: GST की सभी जानकारी को अपडेट करें, जैसा कि नीचे दिखाया गया है:
State: यह स्वचालित रूप से उस राज्य के आधार पर राज्य का नाम प्रदर्शित करेगा, जिसे हमने कंपनी में अपडेट किया है।
Registration Type: इसमें GST Registration Type को “Regular” या ” Composition” चुनें।
GSTIN / UIN: GSTIN (Goods and Services Tax India Number) को निर्दिष्ट करें। यह GSTIN चालान पर प्रिंट किया जा सकता है।
Applicable from: उस तारीख को निर्दिष्ट करें जो लेनदेन के लिए GST लागू होगी।
Periodicity of GST: कंपनी की आवश्यकताओं के अनुसार तिमाही या मासिक रूप से GST की आवधिकता को निर्दिष्ट करें।
e-Way bill applicable: इसमें Yes विकल्प चुनें।
Applicable from: उस तारीख को निर्दिष्ट करें जिससे ई-वे बिल लागू होना है।
Threshold limit includes: यह taxable/ invoice value और कर योग्य वस्तुओं के मूल्य / छूट वाले माल पर आधारित होगा|
Threshold limit: अनुमत Threshold limit की राशि का मूल्य निर्दिष्ट करें।
Applicable for intrastate: यदि यह हमारे राज्य के लिए लागू है, तो “Yes” विकल्प चुनें।
Threshold limit: Threshold limit निर्दिष्ट करें
Enable tax liability on advance receipts: advance receipts पर कर देयता को सक्रिय करने के लिए, “हाँ” के रूप में विकल्प चुनें।
Set/alter GST rate details: कंपनी स्तर पर GST rate detail Set या alter करने के लिए, “Yes” विकल्प चुनें।
Enable GST classifications: GST classifications को activate करने के लिए, “yes” विकल्प चुनें।

टैली में, डेटा को accept करने और विवरण को Save करने के लिए GST की सक्रियता के लिए सभी आवश्यक विवरण इंटर करते हुए, “Yes” विकल्प चुनें।

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